आयकर विभाग
ने खनन
और होटल
उद्योग से
जुड़े एक
व्यवसायी के
ख़िलाफ़ कानूनी
कार्रवाई करने
योग्य मिली
खुफिया जानकारी
के आधार
पर पटना, सासाराम और वाराणसी में 06 अक्टूबर
2020 को तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की। आयकर विभाग ने एक बड़े सहकारी बैंक के अध्यक्ष के मामले में भी जांच की।
तलाशी के
दौरान इस
व्यक्ति से
सम्बंधित एक
कार में
75 लाख रुपये नकद मिले। इसके बाद हुई जांच में यह सामने निकल कर आया कि यह राशि बेहिसाब थी और इसके तार सहकारी बैंक के अध्यक्ष से भी जुड़े हुए थे। छापे के दौरान बेहिसाब नकदी और पर्याप्त नकदी लेन-देन के विवरण वाले दस्तावेज पाए गए और उन्हें जब्त कर लिया गया। ये लेन-देन आयकर रिटर्न में दी गई जानकारी के अनुरूप परिलक्षित नहीं थे।
आयकर विभाग
इस व्यक्ति
के घरों, एक होटल और विभिन्न वाहनों में निवेश के स्रोतों की भी जांच कर रहा है। खोज के दौरान मिले दस्तावेजों से यह भी पता चला है कि समूह द्वारा पत्थरों का बेहिसाब और अवैध खनन किया गया था। इसके अलावा, यह भी पाया गया है कि बहीखातों में करोड़ों के क्रेडिट दर्ज हैं, जिनकी वास्तविकता की जांच की जा रही है।1.25 करोड़ रुपये तक की अस्पष्टीकृत नकदी जब्त की गई है, जबकि 6 करोड़
रुपये की
एफडीआर को
निषेधात्मक आदेशों
के तहत
रखा गया
है। आगे की जांच चल रही है।
आयकर विभाग
ने खनन
और होटल
उद्योग से
जुड़े एक
व्यवसायी के
ख़िलाफ़ कानूनी
कार्रवाई करने
योग्य मिली
खुफिया जानकारी
के आधार
पर पटना, सासाराम और वाराणसी में 06 अक्टूबर
2020 को तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की। आयकर विभाग ने एक बड़े सहकारी बैंक के अध्यक्ष के मामले में भी जांच की।
तलाशी के
दौरान इस
व्यक्ति से
सम्बंधित एक
कार में
75 लाख रुपये नकद मिले। इसके बाद हुई जांच में यह सामने निकल कर आया कि यह राशि बेहिसाब थी और इसके तार सहकारी बैंक के अध्यक्ष से भी जुड़े हुए थे। छापे के दौरान बेहिसाब नकदी और पर्याप्त नकदी लेन-देन के विवरण वाले दस्तावेज पाए गए और उन्हें जब्त कर लिया गया। ये लेन-देन आयकर रिटर्न में दी गई जानकारी के अनुरूप परिलक्षित नहीं थे।
आयकर विभाग
इस व्यक्ति
के घरों, एक होटल और विभिन्न वाहनों में निवेश के स्रोतों की भी जांच कर रहा है। खोज के दौरान मिले दस्तावेजों से यह भी पता चला है कि समूह द्वारा पत्थरों का बेहिसाब और अवैध खनन किया गया था। इसके अलावा, यह भी पाया गया है कि बहीखातों में करोड़ों के क्रेडिट दर्ज हैं, जिनकी वास्तविकता की जांच की जा रही है।1.25 करोड़ रुपये तक की अस्पष्टीकृत नकदी जब्त की गई है, जबकि 6 करोड़
रुपये की
एफडीआर को
निषेधात्मक आदेशों
के तहत
रखा गया
है। आगे की जांच चल रही है।
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