मुझसे मत पूछ वज़ह मेरी मायूसी की,
गर कर सके तो अपने लहज़े पे गौर कर..
उसूल पक्के, दिमाग खराब,
रंग सांवला, दिल साफ..😎😎
जब जी चाहता है कर देते हो मायूस मुझे
तुम्हें जरा भी ख़ौफ नहीं मेरे बिछड़ जाने का..
कभी कबीरा दीवाना तो कभी मीरा दीवानी,
ये प्रीत की बीमारी ना जाने कितनी पुरानी !!
ठहर गए है एक तेरे दर पर आकर,
जैसे कोई बेघर हो घर पर आकर !!
काश़ इंसान भी नोटों की तरह होते हैं,
रोशनी की तरफ़ करके देख लेते असली है या नक़ली !!
वक्त से जरा पूछकर बताना,
जख्म क्या वाकई भर जाते हैं !!
सबको मेरा साथ अच्छा लगता है,
ए किस्मत कभी तु भी मेरा साथ दिया कर !!
ऐसा नहीं कि तेरी जगह कोई और आ गया,
लेकिन तेरा मुकाम अब तेरा भी ना रहा।
इबादत एक मुकाम तक ले जाती है,
आगे दीवानगी रास्ता दिखाती है !!
दुनिया को हकीकत मेरी पता कुछ भी नही,
इल्ज़ाम हज़ारों है और खता कुछ भी नही !!
मत बनाओ मुझे फुर्सत के लम्हों का खिलौना,
मैं भी इंसान हूं, मुझे भी दर्द होता है 🙏
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